26 January Republic Day Special History
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भारत में हर साल 26 जनवरी (26 January) को गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है। इस साल देश 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। दरअसल, 26 जनवरी 1950 को हमारे देश में संविधान लागू हुआ, जिसके उपलक्ष्य में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए भारतीय संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था. डॉ. भीमराव अंबेडकर (B. R. Ambedkar) ने संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार कर राष्ट्र को समर्पित किया था। आपको बता दें कि हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है. इसे बनाने वाली संविधान सभा के अध्यक्ष भीमराव अंबेडकर थे, जबकि जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे।
इस साल गणतंत्र दिवस का जश्न कोरोनोवायरस के कारण थोड़ा अलग होगा। इससे पहले, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 72 वें गणतंत्र दिवस के लिए यूके के पीएम बोरिश जॉनसन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, लेकिन नए कोरोनोवायरस तनाव के प्रकोप के कारण उन्होंने 5 जनवरी को भारत की अपनी यात्रा रद्द कर दी।
इसके बाद, विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि वैश्विक COVID-19 स्थिति के कारण गणतंत्र दिवस के आयोजन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में कोई विदेशी राज्य प्रमुख या सरकार का प्रमुख नहीं होगा। यह इतिहास में चौथी बार होगा जब भारत अपने गणतंत्र दिवस को बिना किसी विदेशी नेता के मुख्य अतिथि के रूप में मनाएगा। पिछली बार ऐसा हुआ था 1966 में, और इससे पहले 1953 और 1952 में।
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गणतंत्र दिवस का इतिहास
गणतंत्र दिवस का इतिहास (Republic Day History) बड़ा ही रोचक है। एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 (26 January) को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया। साल 1929 की दिसंबर में लाहौर में पंडित जावरहलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस का अधिवेशन किया गया था। इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित करते हुए इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमीनियन का दर्जा नहीं दिया गया तो भारत को पूर्ण रूप से स्वजतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा।
26 जनवरी 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया. उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। इसके बाद 15 अगस्त 1947 को वास्तविक स्वतंत्रा प्राप्त करने के बाद इस दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा. भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से शुरू किया. संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे।
26 जनवरी 1950 को कैसे लागू हुआ संविधान?
डॉ० भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयां थी, जिसमें प्रारूप समिति (ड्राफ्टींग कमेटी) सबसे प्रमुख और महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण 'संविधान लिखना' या 'निर्माण करना' था। प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे। प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ. आंबेडकर ने 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया।
जिसके बाद अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किए। इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को देश भर में लागू हो गया। 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई। इसलिए 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
गणतंत्र दिवस से जुडे़ महत्वपूर्ण तथ्य
- देश में राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड (Republic Day Parade) आयोजित होती है। यह परेड आठ किलोमीटर की होती है और इसकी शुरुआत रायसीना हिल से होती है। उसके बाद राजपथ, इंडिया गेट से होते हुए ये लाल किले पर समाप्तु होती है।
- 26 जनवरी, 1950 को पहली गणतंत्र दिवस परेड, राजपथ के बजाय तत्काशलीन इर्विन स्टे डियम (अब नेशनल स्टेीडियम) में हुई थी. उस वक्ते इर्विन स्टेबडियम के चारों तरफ चारदीवारी नहीं थी और उसके पीछे लाल किला साफ नजर आता था.
- 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था।
- पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारत के संविधान को 26 जनवरी को लागू किया गया था।
- राष्ट्रगान के दौरान 21 तोपों की सलामी दी जाती है. 21 तोपों की ये सलामी राष्ट्रगान की शुरूआत से शुरू होती है और 52 सेकेंड के राष्ट्रगान के खत्म होने के साथ पूरी हो जाती है।
देश दुनिया के इतिहास में 26 जनवरी की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है -
- 1556 : मुगल बादशाह हुमायूं की सीढ़ियों से गिरने से मौत।
- 1930 : ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत में पहली बार स्वराज दिवस मनाया गया।
- 1931 : 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' के दौरान ब्रिटिश सरकार से बातचीत के लिए महात्मा गांधी को रिहा किया गया।
- 1950 : स्वतंत्र भारत का संविधान लागू हुआ और भारत को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया। इसके बाद से इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
- 1950 : सी. गोपालाचारी ने भारत के अंतिम गवर्नर जनरल का पद छोड़ा और डा. राजेन्द्र प्रसाद ने देश के प्रथम राष्ट्रपति का पद संभाला।
- 1950 : अशोक स्तंभ को राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न के रूप में अपनाया गया।
- 1950 : फेडरल कोर्ट ऑफ इंडिया, जिसकी स्थापना 1937 में हुई थी, को भारत का उच्चतम न्यायालय बनाया गया।
- 1957 : जम्मू कश्मीर के भारत की तरफ के हिस्से को औपचारिक रूप से भारत का हिस्सा बनाया गया।
- 1963 : माथे पर मुकुट जैसी कलगी और खूबसूरत पंखों वाले मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया।
- 1972 : दिल्ली के इंडिया गेट पर राष्ट्रीय स्मारक अमर जवान ज्योति का अनावरण।
- 1981 : वायुदूत विमान सेवा की शुरूआत।
- 1982 : पर्यटकों को रेल के सफर के दौरान शाही और विलासितापूर्ण अनुभव का आनंद दिलाने के लिए भारतीय रेल ने पैलेस ऑन व्हील्स सेवा शुरू की।
- 2001 : गुजरात के भुज में 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप, हजारों लोग मारे गए।
- 2008 : गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने परेड की सलामी ली।